Wednesday, September 28, 2011

पत्रकारों की मुश्किलों को लेकर पत्रकार समूह घम्बिर,एस.एस.पी संगरूर से की खास मुलाकात

संगरूर:लोक तन्त्र का चोथा स्तम्भ माने जाने वाला पत्रकारिता का क्षेत्र अब हर दिन समाज विरोधी लोगों का शिकार हो रहा है जिस में जब गेरकानुनी ढंग से किये जा रहे कार्यों को पत्रकार अपना कर्तव्य मानते हुए उसे समाज के सामने लेन की कोशिश करते हैं तो सच उस आवाज को दबाने के लिए कुछ गेरकानुनी तत्व पत्रकारों को अपना शिकार बनाने से नहीं चुकते इसी को घम्बिरता से लेते हुए पत्रकार वर्ग की तरफ से संगरूर में एक विशेष मीटिंग का आयोजन किया गया जिस में पटियाला,संगरूर,बरनाला,धुरी,भवानीगढ़ आदि क्षेत्रों के पत्रकारों ने हिस्सा लिया और पत्रकारों पर खबर बनाते समय या ख़बरों को दबाने के मकसद से किये जाने वाले हमलों का सख्त शब्दों में निंदा करते इस अन्याय के खिलाफ कड़ी कारवाही को लेकर विचार रखे गए जिस में की संगरूर के एस.एस.पी हरचरन सिंह भूलर के समक्ष भी पत्रकारों की सुरक्षा यकीनी बनाने हेतु मांगे राखी गई जिसमे एस.एस.पी संगरूर ने विश्वाश दिलवाया के उनकी तरफ से पत्रकारों पर किये गए हमलों पर ठोस कारवाही का भरोसा भी दिया.इस मीटिंग में पटियाला से प्रेस क्लब पटियाला और इंटरनेश्नल हयूमन राइटस ओरग्नाइजेशन के चेयरमेन परवीन कोमल,डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब पंजाब(रजी:) के पंजाब प्रधान रवि शर्मा,सिटी प्रेस क्लब के महासचिव व् पंजाब सचिव डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब पंजाब करणवीर सिंह जोशी,सीनियर पत्रकार देनिक जागरण सचिन धनजस,जी न्यूज़ के पत्रकार बाल्क्रिशन गोयल,पी 7 न्यूज़ से आशीष शर्मा,जी न्यूज़ से सुमित जोशी,लाइव इंडिया न्यूज़ से बी.एस भूलर,डे एंड नाईट से हर्ष कौशल,फास्टवे न्यूज़ से दविंदर खिपल,फास्टवे न्यूज़ से मघरपुरी,टाइम टी.वी से गुलज़ार खान,रोजाना अजीत से के सीनियर पत्रकार जरनैल माझी,रोजाना स्पोकसमेन से गुरदर्शन सिंह सिधु,जन जाग्रति से जे.पी गोयल,जग्बानी से बलदेव सिंह जनुहा,एम्,एच वन से विपिन कुमार,सिख चेनल से परमिंदर सिंह,आशियाना से राजिंदर सिंगला,आदि पत्रकार शामिल हुए.

Saturday, October 30, 2010

पत्रकारों से छुपते छुपाते अधिकारी

दीपावली के दिन नजदीक आ रहे हैं तो दीपावली के लिए शुभ सन्देश भी सभी अपने निकत्वर्तियों के दे रहे हैं या फिर देने की तयारी कर रहे हैं लेकिन जो कुछ अपने शहर में देखेने को मिल रहा है उसे देख में लिखने से नहीं रुक सका क्योंकि जहाँ इस में पत्रकारों की बिरादरी को निचा किया जा रहा है वहीँ इस बात को सब के सामने रख निष्पक्षता दिखने की भी जरुरत है हाल ये है की जो सही तरह की पत्रकारिता कर रहे हैं उनको भी कभी कभार लोगों के गुसे में कुछ सुनना पड़ रहा है अब बात के चल क्या रहा है दीपावली को देख ऐसे पत्रकार क्षेत्र में नजर आ रहे हैं जोके पहले कभी पत्रकारिता के नजदीक तक नहीं देखे कमी उनकी भी नहीं के पत्रकारिता में नजर तो हर रोज आते हैं लेकिन पत्रकारिता की आड़ में पैसे इकठे करने में जुटे हुए हैं.दीपावली में कुछ ही दिन रह गए हैं तो अधिकारी छुपते छुपाते नजर आ रहे हैं कारन है दीपावली मांगना आपको लगेगा की अधिकारी आप को किस बात की दीपावली देंगे और किस तरह की ।जी हाँ ये लोग भिखारियों की तरह अधिकारीयों के पीछे घूमते रहते हैं की वो उन्हें कुछ न कुछ जरुर दें जिसका भाव है पैसों से जी हाँ मूल्य जो भी वो दे दें .इन पत्रकारों से अधकारी बेचारे इतने परेशान हैं की वो न तो अपनी कुर्सी पर बैठ पाते हैं ।बैठते हैं तो अपने काम को जल्द पूरा कर भागने में भलाई समझते हैं कब कहाँ से कोई पत्रकार आ टपके कुछ मालूम नहीं .इन पत्रकारों की वजह से शहर के बाकि पत्रकार भी परेशान हैं के इन लोगों की वजह से कभी कभार परेशान लोग इनको भी मांगने वाले पत्रकारों समान समझ लेते हैं लेकिन सचाई सचाई ही है जब अधिकारीयों/लोगों को इसका आभाव होता है तो माफ़ी मांगते हैं या अपना दुखड़ा सुनाते हैं.इन मांगने वाले पत्रकारों के पास इनके समाचार ग्रुप का अधिकृत पत्र माँगा जाए तो एसा निकाल कर दिखाते हैं जिसका कभी नाम भी न सुना हो .ये लोग हर विभाग के अधिकारी के पास जाते हैं जो इन्हें प्यार से बुला ले तो उसकी शामत ही आ जाती है लेकिन जो कडक हो वो जरुर इनके जुल्म से बच जाता है इन मांगने वाले पत्रकारों में से तो कुछ ऐसे भी हैं जिनको अपना नाम तक लिखना नहीं आता .दीपावली क्या आ गई के मांगने वाले पत्रकारों ने तो हडकंप मचा रखा है ।हर किसी से दीपावली के नाम पर जम कर पैसे मांग रहे हैं और न देने पर उनके खिलाफ खबर लगाने की धमकी भी देते हैं .ऐसे मोकों पर मालूम चलता है की सही पत्रकार लोग इस कलयुग में अभी भी जिन्दा है जिनकी वजह से पत्रकारिता की साख बरक़रार है .                                                                                                        सुमित सिंह जोशी

Tuesday, February 9, 2010



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Thursday, January 14, 2010

लोहड़ी के मोके पर क्लब की तरफ से रखे समागम मैं पहुंचे मेहमान पत्रकार,डॉक्टर और मुख्या मेहमान मार्केट कमेटी संगरूर डिकी जेजी और क्लब सदस्य .
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सिटी प्रेस क्लब संगरूर दुआर रखे लोहड़ी के समागम पर चेअरमेन मार्केट कमेटी संगरूर  डिकी जेजी को क्लब के आहुदेदार और मेंबर सन्मानित करते हुए .
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सिटी प्रेस क्लब संगरूर के आहुदेदार और मेम्बर लोहड़ी के मोके पर सिटी एस.एच.ओ रंधीर सिंह को सन्मानित करते हुए.
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Sunday, November 29, 2009

आज की पत्रकारिता ?


करणवीर सिंह (महासचिव सिटी प्रेस क्लब संगरूर पंजाब )


आज की पत्रकारिता पर बात होती है तो उसमें बस एक ही बात सुनने को मिलती है की फलाना पत्रकार एसा कर रहा है वो एसा कर रहा है जायदा तर पर पत्रकारों की बात जब चलती है तो सुनाने को मिलता है की अब वो पत्रकारिता पढने को नहीं मिलती जो के हमें आसपास में होने वाली जानकारी सही देता था और समाज के मुद्दों को सामने लाती थी जिस से पत्रकारिता को समाज का चोथा सत्म्ब का दर्जा दिया गया .ऐसी बात नहीं की अब भी जनूनी पत्रकारों की कमी है लेकिन कुछ पत्रकारों की इन हरकतों के कारन पूरी पत्रकारिता कमुनिटी को ये सुनना जरुर पड़ता है .सबसे बड़ा पत्रकारों को जो दबाने का काम किया है वो है आज के पत्रकार समूहों का जो सिर्फ शायद ये सौच रखते है की हम बस कुछ पैसे लगा एक समाचार समूह लगा लेते हैं बाद में तो पत्रकार दुआरा दिए जाने वाले इश्तेहार पर ही हमने अपने ग्रुप का खर्चा चलाना है और जो बाकि बचा पैसा होगा उस से हमारी अच्छी खासी कमाई हो जाएगी जो पत्रकारिता के सहारे हमारा सन्मान सत्कार और शोहरत मिलनी है वो तो है ही .आज भी बोहत से ऐसे पत्रकारिता के समूह है जो सिर्फ खबर को ही एहमियत देते है और खबर के लिए किसी बात से समझोता नहीं करते पत्रकार पर इश्तेहार लाने का कोई दबाव नहीं डालते जिनके कारन आजभी पत्रकारिता जिन्दा है और समाज के बीच अपनी पहचान बनाये हुए है.जो लोग सिर्फ पत्रकारों दुआर लाये जा रहे इश्तेहार पर चलते हैं वो ही अपने पत्रकार को गलत रह पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं गलत रस्ते का मतलब ये नहीं की वो कोई अपराध करते हैं.पत्रकार पर हमेशा जायदा इश्तेहार लाने का दबाव बना रहता है लेकिन अगर सही मायने में देखा जाये तो पत्रकार की कोई जिमेदारी नहीं या फिर कहें की पत्रकार का कोई काम इश्तेहार लाना नही होता है पत्रकार सिर्फ पत्रकारिता तक सिमित होता है न के एक इश्तेहार इकठा करने वाला क्योंकि अगर पत्रकार इश्तेहार इकठे करेगा तो वो किसी की खबर क्या लगा सकेगा ? क्योंकि आम तोर पर राजनेता या फिर सत्ता में रहने वालो की ही खबरे होती है या कहें की ग्रुप्स चलाने वालों की अछी बुरी बातें और जब उन से इश्तेहार लेकर आता है तो अगर वो कोई किसी के बारे में खबर जनता के सामने रख देता है तो उसे आगे से इश्तेहार मिलना मुश्किल हो जाता है तो मेरे कहने का मतलब साफ है की आप जिस से पैसा ले रहे हो तो उसकी खबर सामने रखना तो संभव नही है इसी बोझ तले आज बहुत से पत्रकार दबे हुए हैं जब के असल में तो ये है की समाचार समूह अपने अलग से इश्तहार को इकठा करने वाले लोग रखे तो पत्रकार पर इस तरह दबाव नहीं रहता और सबसे बड़ी बात तो ये है की अगर आप के समाचार समूह को जनता पसंद करते है तो इश्तेहार तो अपने आप मिलेगा.मुझे एक बात की ख़ुशी है की जो समाचार समूह खबर के लिए सब कुछ भूल जाते हैं उनके के कारन पत्रकारिता जिन्दा है जिस से जनता अपनी बात सामने रख सकती है और अच्छा बुरा जान भी रही है हर खबर सही मिलती है जिस से समाज में जो गलत होता है उसके बारे में जान सकते है मैं सलाम करता हूँ ऐसे पत्रकार समूहों को जो सही मायने की पत्रकारिता कर अपना नाम जनता के बीच बनाये हुए है .
(नोट :ऊपर जो लेख लिखा गया है उसमें कुछ शब्द ग़लत हो सकते हैं क्योंकि जब अंग्रेज़ी को हिन्दी मैं बदलते है तो कुच्छ शब्द बदल जाते है जिस कारन कई बार पुरी लाइन का मायना बदल जाता है तो उस पर कृपया ध्यान न दे क्योंकि उस में हमारा कोई कसूर नही वो एक टेक्निकल गलती है धन्यवाद ) Bookmark and Share






सिटी प्रेस क्लब संगरूर के मुख्या फाउन्डर ,अहुदेदार और मेम्बर क्लब मैं पत्रकारिता के विषयों पर चर्चा करते हुए और अपने विचार रखते हुए .Bookmark and Share

Sunday, November 8, 2009


करणवीर सिंह (महासचिव)सिटी प्रेस क्लब संगरूर पंजाब :मलेरकोटला मैं नए बने "इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब "के गठन मैं शामिल हुए जिस मैं की मलेरकोटला के पतरकारों को क्लब कीनियमो के बारे मैं बताते हुए और क्लब के लिए कैसे काम किया जाता है उसके बारे मैं जानकारी दी .जिस मैं महासचिव दुआर अपने विचार रखे गए की किस तरह मीडिया के सम्मान को बरकरार रखें और आने वाली मुश्किलों को वो किस तरह निपटाएं के बारे मैं जानकारी दी .

Thursday, September 10, 2009

सिटी प्रेस क्लब के मुख्य दफ्तर मैं पदाधिकारी अध्यक्ष,उप अध्यक्ष,जर्नल सकतर और कैशिएर।Bookmark and Share

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क्लब के पदाधिकारी मुख्य मेहमान को क्लब की जरूरतों और मांगो को लिखित रूप मैं संपते हुए । Bookmark and Share




क्लब के समागम के अंत मैं स सुखदेव सिंह को और डॉक्टरों की टीम को सम्मानित करते क्लब के पदाधिकारी और सदस्य । Bookmark and Share

प्रेस क्लब के लगाये गए कैंप मैं पहुँची हस्तियां और क्लब के कैंप का उधघाटन करते स सुखदेव सिंह पूर्व संसद शिरोमणि अकालीदल बदल । Bookmark and Share

सिटी प्रेस क्लब दुआर लगाये गए मेडिकल कैंप मैं बतोरमुख्या मेहमान पहुंचे स सुखदेव सिंह को सम्मानित करते क्लब के पदाधिकारी और सदस्य । Bookmark and Share